Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष द्वारा लगातार की जा रही नारेबाजी और हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
इन मुद्दों पर विपक्ष का हल्ला बोल
यह सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कई बड़े मुद्दे तैयार कर रखे हैं। इसमें मुख्य रूप से राम मंदिर दान चोरी का मामला, NEET परीक्षा में पेपर लीक, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का विरोध प्रदर्शन, E20 पेट्रोल नीति और डेलिमिटेशन (परिसीमन) पर पहले ही गिर चुका संविधान संशोधन विधेयक शामिल है।
सरकार की अपील
Parliament Monsoon Session 2026: सत्र की शुरुआत से पहले सरकार ने सभी विपक्षी दलों से सहयोग की अपील की है। सरकार ने राष्ट्रीय विकास के हित में संसद के सुचारू संचालन की बात कही है। सरकार ने विपक्ष से आग्रह किया है कि वे रचनात्मक बहस में भाग लें और विचार के लिए सूचीबद्ध आठ विधेयकों को पारित कराने में अपना समर्थन दें।
सत्र का कार्यक्रम
यह नया सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 25 दिनों में संसद की 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी। राजनीतिक समीकरणों में आए बदलाव के बीच यह सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संविधान संशोधन विधेयक फिर पेश करने की तैयारी
केंद्र सरकार इस सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को दोबारा पेश कर सकती है। इस बिल में लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर 850 करने और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि अप्रैल में दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका था।
‘चलो संसद’ मार्च और प्रदर्शन का असर
Parliament Monsoon Session 2026: सत्र की शुरुआत ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च के शोर के बीच हुई है। CJP NEET परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
CJP संसद भवन से महज 2-3 किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। शनिवार को उस समय विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया जब पुलिस ने 21 दिन से भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया।
