रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव के उस कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कुख्यात नक्सली हिड़मा को “रोल मॉडल” बताए जाने का आरोप लगाया। कश्यप ने कहा कि ऐसा बयान केवल गैर-जिम्मेदाराना नहीं, बल्कि झीरम घाटी हमले में शहीद हुए कांग्रेस के अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों के जवानों के बलिदान का भी अपमान है।
वन मंत्री ने कहा कि हिड़मा का नाम वर्षों से बस्तर में नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों पर हमलों, निर्दोष आदिवासियों की हत्याओं और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने जैसी घटनाओं से जुड़ा रहा है। ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन कांग्रेस की नक्सलवाद को लेकर मानसिकता और दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि 25 मई 2013 को हुए झीरम घाटी हमले को प्रदेश कभी नहीं भूल सकता। इस हमले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार सहित कांग्रेस के कई नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बल के जवानों की जान गई थी। कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वर्षों तक इस घटना पर न्याय की मांग करती रही, लेकिन अब उसी हमले से जुड़े कुख्यात नक्सली का महिमामंडन कर रही है।
केदार कश्यप ने कहा कि हिड़मा का नाम सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा समेत बस्तर के कई बड़े नक्सली हमलों में सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नेतृत्व में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर घातक हमले किए, आईईडी विस्फोट किए और सड़क, पुल, स्कूल तथा मोबाइल टावर जैसी विकास परियोजनाओं को निशाना बनाकर क्षेत्र के विकास को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चला रही है। ऐसे समय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता द्वारा हिड़मा जैसे नक्सली को “रोल मॉडल” बताना नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को कमजोर करने वाला संदेश देता है।
वन मंत्री ने कांग्रेस से इस मामले में प्रदेश की जनता और झीरम हमले के शहीदों के परिजनों से माफी मांगने की मांग की। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या अटल श्रीवास्तव का बयान पार्टी का आधिकारिक रुख है या पार्टी स्वयं को उससे अलग मानती है।
कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता शहीदों का सम्मान करना जानती है और नक्सल हिंसा का महिमामंडन करने वालों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प नक्सलवाद का समूल उन्मूलन कर बस्तर में शांति और विकास को आगे बढ़ाना है।
