NEET-UG 2026 Re-Exam: नीट-यूजी (NEET-UG) री-एग्जाम से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस फैसले को सही माना है जिसके तहत परीक्षा के दौरान टेलीग्राम को पांच दिनों के लिए ब्लॉक किया गया था। यह निर्णय 21 जून को होने वाली परीक्षा की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।
कोर्ट ने कहा- फैसला उचित और तर्कसंगत
जस्टिस तेजस करिया ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार का यह कदम पूरी तरह से जायज है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टेलीग्राम पर लगाया गया यह अस्थायी प्रतिबंध किसी भी तरह से अनुचित या जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं है। कोर्ट ने माना कि परीक्षा के दौरान पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार का यह एक निवारक (preventive) उपाय है।छात्रों के हित में लिया गया फैसला
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकार के आदेश में पूरी तरह से स्पष्टता है और अधिकारियों ने सोच-समझकर ही यह निर्णय लिया है। कोर्ट ने यह भी माना कि यह प्रतिबंध केवल पांच दिनों के लिए है, इसलिए इसे असंगत या अत्यधिक कठोर नहीं कहा जा सकता। अंत में, अदालत ने टेलीग्राम की याचिका को खारिज करते हुए सरकार के फैसले को बरकरार रखा है।
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सरकार की दलीलों पर कोर्ट की मुहर
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में तर्क दिया कि टेलीग्राम का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर संगठित नकल गिरोहों द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह कदम अनिवार्य था। कोर्ट ने सरकार के इस तर्क को स्वीकार किया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।
‘पूरे प्लेटफॉर्म को बैन करना सही’
सुनवाई के दौरान टेलीग्राम ने दलील दी थी कि पूरे प्लेटफॉर्म को बैन करना एक गलत कदम है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आईटी एक्ट के तहत किसी भी इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म को ‘सूचना’ (information) की परिभाषा से बाहर नहीं रखा जा सकता।
