अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर जारी विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला तथा मामले की जांच को लेकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विपक्ष के कुछ लोग आज रामभक्तों की चिंता जताने का दावा कर रहे हैं, जबकि अतीत में राम का नाम लेने वालों पर गोली चलवाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे। योगी ने कहा कि वही कांग्रेस आज अयोध्या को लेकर राजनीति कर रही है।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग आज उपदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी प्रकरण में मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है और जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अनर्गल टिप्पणी से बचें, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास मामले से संबंधित कोई साक्ष्य है तो वह एसआईटी को उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, “प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष हुआ है। लोग धैर्य रखें, जांच पूरी होने दें। अयोध्या और रामधाम को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं।”
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने 7 जून को आरोप लगाया था कि राम मंदिर के चढ़ावे में से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की चोरी हुई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की थी। हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके अगले दिन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट तलब की थी।
जांच के दौरान अब तक लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू समेत पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनकी निशानदेही पर लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि बरामद की जा चुकी है। ये सभी दान राशि की गिनती से संबंधित कार्य में जुड़े हुए थे। वहीं, 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से सोना भी बरामद किया गया था, हालांकि उसकी मात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
