रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाने का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर किए गए हमले के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। पीएम मोदी ने कांग्रेस शासित राज्यों में असंतोष और अनिश्चितता का माहौल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पिछले कई वर्षों से अराजकता फैलाकर अवसर तलाश रही है।
इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में हारने वाले उम्मीदवारों को भी मुख्यमंत्री बना दिया जाता है और प्रधानमंत्री “ताश के पत्तों की तरह नेताओं को फेंटते हैं, जबकि दूसरों को उपदेश देते हैं।”
भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर महंगाई और कृषि मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों, खाद-बीज की उपलब्धता, और नीट व सीबीएसई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इन गंभीर विषयों पर ध्यान देना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “रीलबाजी के लिए धमकाना-चमकाना” उचित नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों-अधिकारियों से जुड़ी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई जरूरी है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर अपमान सही नहीं है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए बघेल ने यह भी कहा कि पार्टी उन्हें लगातार निशाना बनाती है, यहां तक कि “दिन-रात उनके सपने देखती है।” उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बताया।
इसी बीच कांग्रेस ने झारखंड में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता अजय शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस जिम्मेदारी को लेकर बघेल ने कहा कि यह पार्टी द्वारा दी गई एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और वह जल्द ही दिल्ली होते हुए रांची के लिए रवाना होंगे।
