रायपुर। नया रायपुर के सेक्टर-27 स्थित ब्लॉक की निवासी एवं आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय में पदस्थ डिप्टी डायरेक्टर माया तिवारी (61 वर्ष) के साथ 90 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। माया तिवारी की शिकायत पर थाना राखी पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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माया तिवारी ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक आकर्षक विज्ञापन देखा था, जिसमें “The Times of India” के हवाले से एक ऑनलाइन ट्रेडिंग पोर्टल easinegyan.pro को शासन समर्थित बताते हुए अत्यधिक मुनाफे का दावा किया गया था। विज्ञापन में लिखा था: “Thrive Even in a Crisis! How Revolutionary Technology will Allow You to Earn Over Rs. 1,95,000 a Month with Government Support.”
इस लिंक पर क्लिक करने के बाद माया तिवारी ने फ्री रजिस्ट्रेशन किया और इसके बाद एक महिला, जारा अली खान ने उनसे संपर्क किया। जारा ने खुद को BullMarkets कंपनी से बताया और उन्हें निवेश का प्रलोभन दिया। इसके बाद कई अन्य लोग, जिनमें अनिता शर्मा, सुनीता शर्मा, संजीव कपूर, विग्नेश कुमार (कोच्ची) और दक्ष अग्रवाल शामिल थे, ने विभिन्न खातों में राशि जमा करवाने के लिए लगातार संपर्क किया।
कब-कब कितनी राशि निवेश की गई:
- 19 मार्च: UPI से ₹2,36,023
- 20 मार्च: RTGS से ₹3,00,000
- 25 मार्च: ₹4,00,000
- 27 मार्च: IMPS से ₹50,000
- 2 अप्रैल: ₹4,52,000
- 9 अप्रैल: ₹11,30,000
- 19 अप्रैल: ₹14,17,428
- 21 अप्रैल: ₹4,81,200
- 28 अप्रैल: ₹9,50,000
- 29 अप्रैल: ₹15,30,000
- 23 मई: ₹6,30,000
इस प्रकार कुल ₹89,67,855.72 की राशि विभिन्न माध्यमों जैसे यूपीआई, आरटीजीएस और आईएमपीएस के जरिए निवेश करवाई गई। आरोपियों ने माया तिवारी को यह विश्वास दिलाया कि जुलाई 2025 के अंत तक उनकी राशि दोगुनी हो जाएगी। लेकिन समय बीत जाने के बावजूद कोई रिटर्न नहीं मिला।
माया तिवारी ने सभी लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, आरोपियों के नाम, ईमेल और मोबाइल नंबर पुलिस को सौंप दिए हैं। वर्तमान में भी कोच्ची निवासी विग्नेश कुमार लगातार फोन और ईमेल के जरिए संपर्क कर रहा है, जिससे यह संदेह और गहराता जा रहा है।
थाना राखी प्रभारी ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया ऑनलाइन धोखाधड़ी का प्रतीत होता है। साइबर सेल की मदद से सभी बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस ठगी गिरोह की जड़ें कितनी दूर फैली हैं।
