– दुर्ग केंद्रीय जेल में ननों से मुलाकात कर सांसद जानेंगे हाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
– इंडिया गठबंधन के सांसदों की कमेटी ने इसे अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला करार दिया
– यह मामला प्रलोभन और ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा है, जिसकी जांच चल रहीः मुख्यमंत्री साय
रायपुर
मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप पर दुर्ग जीआरपी द्वारा दो ननों की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो चुकी है। इन ननों से मुलाकात करने पहुंचे कांग्रेस सांसदों ने इसे अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला करार दिया है। ननों से मुलाकात करने पहुंचे सांसदों में बेनी बहनन, फ्रांसिस जॉर्ज, एनके प्रेमचंदन, अनिल ए थॉमस के अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रभारी कांग्रेस सांसद सप्तगिरी उल्का और जरीता लैतफलांग भी शामिल हैं। मुलाकात के बाद रिपोर्ट तैयार कर सांसद कांग्रेस आलाकमान को सौंपेंगे। इधर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस मामले की सच्चाई को समझने की जरूरत है।
सीएम साय ने कांग्रेस पर संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले की सच्चाई को समझने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला प्रलोभन और ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा है, जिसकी जांच चल रही है। दुर्ग जिले में पकड़ी गईं दो नन नारायणपुर जिले की बेटियों को नौकरी का झांसा देकर आगरा ले जा रही थीं। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह मानव तस्करी और प्रलोभन का स्पष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री सीएम साय ने जोर देकर कहा कि कानून अपना काम करेगा और इस तरह के संवेदनशील मामलों में कांग्रेस को राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ को शांति का टापू बताते हुए धर्मांतरण के खिलाफ अपनी सरकार की सख्त नीति को दोहराया और कहा कि जल्द ही धर्मांतरण को लेकर नया कानून भी आएगा। इधर इस मामले में केरल के BJP महासचिव अनूप एंटनी जोसेफ ने गृह मंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर इस पूरे मामले में बातचीत की है।
ये माइनॉरिटी पर अटैकः प्रेमचंदन
सांसदों के दल में शामिल केरल के सांसद एनके प्रेमचन्दन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दो धार्मिक महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर मानव तस्करी और धर्मांतरण के बेसलेस आरोप लगाए हैं। ये माइनॉरिटी पर अटैक है। उन्होंने कहा कि तीनों महिलाओं की उम्र 21, 23 और 25 है, जिन्हें काम करने के लिए ले जा रहे थे। उन्होंने कहा कि बजरंग दल ने मानव तस्करी और धर्मांतरण का आरोप लगा दिया। दरअसल, यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला किया जा रहा है। यह अटैक ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मणिपुर में हो रहे हैं। बीजेपी रूल्ड स्टेटस में अटैक की खबरें आ रही हैं। सांसद ने कहा कि क्रिश्चियंस पर अटैक हो रहा है, इसलिए हमने ये कमिटी बनाई है। कल लोकसभा में ये विषय उठाया जाएगा।
छोटे मामले में FIR करती है पुलिस
सांसद एनके प्रेमचन्दन ने कहा कि इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से और हो सके तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के हॉस्पिटल और चैरिटी चल रहा है, क्योंकि संवैधानिक अधिकार है, लेकिन बजरंग दल इन्हें चलने नहीं देते। एक महीने पहले दो प्रीस्ट पर अटैक किया गया। आज भी वो अस्पताल में हैं। पुलिस छोटे मामले में एफआईआर दर्ज करती है, ये गंभीर विषय है। इसे पार्लियामेंट में लाने के लिए दिल्ली से फैक्ट फाइंडिंग कमिटी बनाई गई है। ननों से मुलाकात के बाद सांसदों का दल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री के साथ बिशप से भी मुलाकात करेगी।
क्या है पूरा मामला यह भी जान लीजिए?
दरअसल, यह मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का है। 25 जुलाई 2025 को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कंवर्जन (धर्मांतरण) की आशंका जताते हुए जमकर प्रदर्शन किया था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि दो नन सिस्टर और एक युवक छत्तीसगढ़ की तीन आदिवासी युवतियों को बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश के आगरा ले जा रहे थे, जहां उनके कंवर्जन की योजना थी। इस हंगामे की जानकारी मिलते ही GRP मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने मौके से दो नन और युवक को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। एफआईआर के बाद तीनों न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
भाजपा खुद धर्मांतरण को बढ़ावा देती हैः बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ननों के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा उनकी रिहाई की जानी चाहिए। ननों के साथ जाने वाली महिलाएं रोजी-रोटी के लिए स्वेच्छा से जा रही थी। बिना पूरी पड़ताल के बजरंग दल, भाजपा, आरएसएस के लोगों ने उनके साथ मारपीट किया और दबावपूर्वक उनकी गिरफ्तारी करवाई गयी। यह भाजपा की सरकार का अतिवादी अलोकतांत्रिक चरित्र है। भाजपा धर्मांतरण के नाम पर अफवाह फैलाने की राजनीति करती है तथा भाजपा की सरकार आरएसएस, बजरंग दल के इशारे पर गलत कार्यवाहियां करती है। भाजपा खुद धर्मांतरण को बढ़ावा देती है।
